जलीकट्टू के समर्थन में सड़कों पर उतरा जनसैलाब, मरीना बीच पर प्रदर्शनकारियों ने लगाए कैम्प

तमिलनाडु के पारंपरिक खेल जल्लीकट्टू पर सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबन्ध का विरोध कर रहे लोग सड़कों पर उतर आए हैं। मदुरै, चेन्नै और कोयंबटूर में कई दिनों से जारी यह विरोध उग्र रूप लेता जा रहा है। प्रदर्शनकारी जलीकट्टू के आयोजन और पशु अधिकार संगठन पेटा पर प्रतिबंध की मांग कर रहे हैं।

चेन्‍नई के मरीना बीच पर हजारों की संख्‍या में छात्रों और युवाओं ने प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में खत्‍म हुए पोंगल से पहले जलीकट्टू का आयोजन कराने में असफल रही राज्‍य और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

आपको बता दें कि इस खेल पर कोर्ट द्वारा 2014 में प्रिवेंशन ऑफ क्रूएलटी टू ऐनिमल एक्ट के तहत प्रतिबन्ध लगा दिया गया था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि इस खेल से जानवरों पर क्रूरता होती है।

प्रदर्शनकारी पशु अधिकार संगठन पेटा का भी विरोध कर रहे हैं, क्योंकि पेटा की याचिका पर ही सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस खेल पर प्रतिबंध लगाया था।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के प्रति लोगों का समर्थन बढ़ता जा रहा है। स्कूल, कॉलेज के छात्र बड़ी तादाद में पहुंचे। चेन्नै के एसआरएम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने उनके समर्थन में अपने संस्थान के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

राज्य सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामले को शांत करने की कोशिश में लगी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने युवाओं को आश्वासन दिया है कि वह जलीकट्टू मामले पर अध्यादेश लाने के लिए राष्ट्रपति से अपील करेगी।

वहीं, प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि राज्य सरकार इस मसले पर अपना पक्ष साफ करे। जब तक सरकार जलीकट्टू को लेकर अपने उठाए जाने वाले कदमों के बारे में नहीं बताएंगे, तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा।

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