‘गांधी जी का नाम ही ऐसा है जिसमें लग जाता है, वो चीज़ ही डूब जाती है’

हाल ही में खादी कैलेंडर पर महात्मा गांधी की जगह पीएम मोदी की तस्वीरें जारी हुई थी जिस पर बुद्धिजीवी वर्ग और विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोला था लेकिन हरियाणा के बीजेपी मंत्री के हालिया बयान के बाद, अब ये मामला काफी तूल पकड़ता नज़र आ रहा है.

हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने महात्मा गांधी को खादी के लिए नुकसानदेह बताया साथ ही उन्होंने ये भी जोड़ा कि पीएम मोदी खादी के लिए फायदेमंद साबित होंगे क्योंकि वो एक बड़ा ब्रांड हैं. अंग्रेजों से आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले महात्मा गांधी की आलोचना को लेकर अनिल यहीं नहीं रूके, उनका मानना है कि गांधी जी की वजह से ही रुपये की कीमत में गिरावट आई.

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उन्होंने कहा कि “गांधी जी ने खादी का ट्रेडमार्क नहीं कराया है और इतने सालों से खादी का नाम गांधी जी के साथ जुड़ने के बावजूद खादी ने किसी तरह की कोई तरक्की नहीं की. खादी का गांधी जी के साथ जुड़ने के कारण पतन ही हुआ है. पीएम मोदी ने जैसे ही खादी के साथ अपनी तस्वीर जारी की, तो खादी की सप्लाई में 14 प्रतिशत का उछाल देखा गया है. गांधी जी का नाम ही ऐसा है, जिस चीज़ के साथ वो लग जाते हैं, वो डूब जाता है. रुपये पर गांधी जी की तस्वीर लगी तो रुपया डूबता ही चला गया. एक ज़माना था, जब एक डॉलर एक रुपये के बराबर था, आज रुपये की हालत ये हो गई कि एक डॉलर में 60 रुपये होते हैं.”

विज के बयान के बाद विपक्ष ने उनकी तीखी आलोचना की. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने विज के बयान की निंदा करते हुए उन्हें देश का नालायक बेटा बताया और कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश को गांधी जी के बारे में ये सब सुनना पड़ रहा है हालांकि विज ने भी इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये उनकी निजी राय है और उनके बयान का मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं है.

वहीं बीजेपी ने अनिल विज के इस बयान की कड़ी निंदा की है और कहा है कि ये उनका पर्सनल मामला है और बीजेपी का उनके इस बयान से कोई लेना देना नहीं है. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी अनिल के इस बयान से अपना पल्ला झाड़ लिया.

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कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि इस तरह के बेतुके और शर्मनाक बयान केवल बीजेपी के नेता ही दे सकते हैं. वहीं गांधी जी के पड़पोते तुषार गांधी भी इस बयान से बेहद आहत नज़र आए और उन्होंने कहा कि जिस हिसाब से भ्रष्ट नेता पैसे का इस्तेमाल अपने गोरख धंधों के लिए करते हैं, उससे तो ये अच्छा ही है कि गांधी जी की तस्वीर नोट से हटा ली जाए.

Source: The Quint

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