मोदी की इस योजना के किसान हुए दीवाने, फसल ही नहीं, चेहरे भी खिले

modi21

केंद्र सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष आग्रह पर चल रही इस योजना ने अब किसानों के चेहरे खिला दिए हैं। दरअसल, यह एक ऐसी योजना है, जिसकी देश का हर किसान लंबे समय से बाट जोह रहा था। आइए आपको बताते हैं क्या है वह योजना।

इस योजना का नाम प्रधानमंत्री मुद्रा बैंक योजना है। इस योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को की गई। मुद्रा बैंक का मतलब है माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट्स रिफाइनेंस एजेंसी।

इस योजना का उद्देश्य गैर छोटे उद्यमियों को कम ब्याज दर पर 50 हजार से 10 लाख रुपये तक का कर्ज देने का है। ताकि बेरोजगारी को कम किया जा सके।

मोदी सरकार इस योजना पर 20 हजार करोड़ रुपये लगाएगी। यही नहीं इसके लिए 3000 करोड़ रुपये की क्रेडिट गारंटी भी रखी गई है।

मुद्रा बैंक छोटे फाइनेंस संस्थानों (माइक्रो फाइनेंस इंस्टिट्यूशन) को री-फाइनेंस करेगा ताकि वे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत छोटे उद्यमियों को कर्ज दे सकें। यही नहीं इसमें अनुसूचित जाति/जनजाति के उद्यमियों को प्राथमिकता पर कर्ज दिए जाएंगे।

खास बात यह है कि मुद्रा बैंक योजना का लाभ किसानों को भी मिल पाएगा। दरअसल, सरकार ने उन किसानों को इस योजना से फायदा देने का फैसला किया है, जिनकी फसलें बेमौसम बारिश से खराब होती है। सरकार की कोशिश गैर कृषि कार्यों को बढ़ावा देने की होगी।

योजना के जरिये ग्रामीण इलाकों में छोटे और मझोले स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण, ग्रामीण परिवहन सेवा, टेक्सटाइल्स और हेंडलूम प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने की योजना है। सरकार का मानना है कि अचानक बाढ़ या खेती के विपरित मौसम होने पर किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई ये योजना बखूबी करेगी।

सरकार इस योजना के तहत उन कामों को बढ़ावा देगी, जिससे किसानों को दूसरे रोजगार धंधों को खोलने में आसानी हो और वे अतिरिक्त आय हासिल कर सके। इन कामों में ई-रिक्शा, ऑटो रिक्शा, सामान ढुलाई के लिए व्यावसायिक रिक्शेे, सैलून, ब्यूटी पॉर्लर, ड्राइक्लीन, गैरेज खोलने के लिए किसानों को प्रोत्साेहित करेगी। यहीं नहीं महिलाओं को पापड़ बनाने, अचार बनाने, मिठाई की दुकानें, आईस्क्रीम और बिस्किट ब्रैड बनाने जैसे धंधों को खोलने के लिए लोन देगी।

Advertisements