ममता को खुली चुनौती, अब हिंदुओं को छेड़ा तो मुस्लिमों को दिखा देंगे औकात

कोलकाता। कई महीनों से पश्चिम बंगाल संप्रदायिक दंगों को दंश झेल रहा है। मुसलमानों द्वारा कई आगजनी के कई वीडियो भी सामने आये हैं। जिसमे हिंदुओं के अत्‍याचार को दिखाया गया है। ममता बनर्जी की सरकार या उनके किसी मंत्री ने हिंदुओं की सुध नहीं ली, ऐसे में पश्चिम बंगाल के हिंदू स्‍वयं हिंसा पर उतारू हो गये हैं। खबरों के मुताबिक कुछ मुस्लिम हमलावरों को हिन्दुओं ने दौड़ा दौड़ा कर मारा।

इससे पहले खबर आई थी कि पश्चिम बंगाल के धुलागढ़ में सांप्रदायिक हिंसा की रिपोर्टिंग से नाराज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी, रिपोर्टर पूजा मेहता और कैमरामैन तन्मय मुखर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दिया था। मुकदमा 153(A) जैसी गैर जमानती धाराओं में लिखा गया।

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अभी कुछ ही दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक विडियो सामने आया था जिसमे मुस्लिमों ने एक हिंदू युवक को बेरहमी से पिटा था क्योंकि उस युवक ने मोदी जिंदाबाद का नारा लगाया था और इस्लाम ज़िंदाबाद कहने से माना कर दिया था।

दरअसल ये विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है अभी ये कहना मुस्किल है ये विडियो कहा से आया और किसने बनाया और ये लड़के कौन है। इस विडियो को अभी अच्छे से जाँच नहीं हुई है कि ये विडियो कहा का है तो हम इसकी सत्यता की घोषणा नहीं करते।

2011 की जनगणना ने खतरनाक तथ्यों को उजागर किया है। जब अखिल स्तर पर भारत की हिन्दू आबादी 0.7 फीसदी कम हुई है तो वहीं सिर्फ बंगाल में ही हिन्दुओं की आबादी में 1.94 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, जो कि बहुत ज्यादा है। राष्ट्रीय स्तर पर मुसलमानों की आबादी में 0.8 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि सिर्फ बंगाल में मुसलमानों की आबादी 1.77 फीसदी की दर से बढ़ी है, जो राष्ट्रीय स्तर से भी कहीं दुगनी दर से बढ़ी है।

पश्चिम बंगाल की कुल आबादी 9.12 करोड़ है, जिसमें हिंदुओं की जनसंख्या 6.4 करोड़ या कहें कि 70.53 फीसदी है। जबकि, मुसलमानों की जनसंख्या 2.4 करोड़ या कहें कि 27.01 फीसदी है। जबकि साल 2001 की जनगणना के आंकड़ों की तुलना में बंगाल में जनसंख्या का धर्म विषमता का तेज होता प्रसार साफ तौर पर देखा जा सकता है।

 

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