​LIVE: योगी ने कहा, कैलाश मानसरोवर जाने वालों को 1 लाख का अनुदान

यूपी का मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर पहुंचे। इसके बाद वे एमपी इंटर कॉलेज में बने मंच पर पहुंचे। यहां कई नेताओं ने उनका फूलों के गुलदस्ते से स्वागत किया।

योगी आदित्यनाथ ने एमपी इंटर कालेज मैदान में जनता को वंदे मातरम कहकर संबोधित करना शुरू किया। उन्होंने कहा कि यह नागरिक अभिनंदन मेरा नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की 22 करोड़ की जनता का अभिनंदन है। उन्होंने कहा कि जनादेश का सम्मान करता हूं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले 15 साल में जो विकास नहीं हुआ, वह अब होगा।

उन्होंने कहा कि हमें यूपी की जनता के सपनों को साकार करना है। उन्होंने कहा कि हमारी योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति को मिलेगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने खुद खाद्य फैक्ट्री और एम्स की नींव रखी। उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह पद नहीं है बल्कि ये कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सबका विकास होगा। किसी का भी तुष्टिकरण नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने विकास की राह जो हमें दिखाई है, वह वास्तविकता में बदलेगी। बीजेपी के संकल्प पत्र में कई गई हर बात को पूरा करेंगे।

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उन्होंने कहा कि यूपी में कानून का राज कायम करने में जनता की मदद चाहिए। पीएम मोदी और अमित शाह ने प्रदेश की 22 करोड़ की जनता का सेवा का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रियों को राज्य सरकार एक लाख का अनुदान देगी। लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद में से कहीं कैलाश मानसरोवर केंद्र बनेगा जहां से श्रद्धालु आगे की यात्रा बढ़ा सकेंगे।

इससे पहले एयरपोर्ट पर पहले से मौजूद भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सीएम योगी का जोरदार स्वागत किया। एयरपोर्ट से एमपी इंटर कालेज मैदान करीब छह किलोमीटर के रास्ते में कम से कम एक दर्जन स्थानों पर सीएम के स्वागत की तैयारी की गई थी।

आजादी के बाद से राजस्व ग्राम के लिए संघर्ष कर रहे गोरखपुर और महराजगंज के 23 वनटांगियां परिवारों के सदस्य सीएम के पुराने भक्त हैं। पिछले कई सालों से गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में योगी अपनी हर दिवाली उनके बीच मनाते हैं।

कूड़ाघाट, मोहद्दीपुर, पैडलेंगज से होते हुए एमपी इंटर कालेज तक कई स्थानों पर सीएम के स्वागत की जबरदस्त तैयारियां की गई हैं। एमपी इंटर कालेज मैदान में नागरिकों द्वारा उनका अभिनंदन किया जाना है। योगी यहां बने मंच से जनता को सम्बोधित भी कर सकते हैं। वह करीब साढ़े सात बजे गोरखनाथ मंदिर पहुंचेंगे। जहां गोरक्षपीठ के कर्मचारियों और पुजारियों द्वारा स्वागत के बाद मुख्य मंदिन में वह हवन-पूजन करेंगे।

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सीएम गोरखनाथ मंदिर जाकर लेंगे आशीर्वाद :सीएम आज गोरखनाथ मंदिर के ब्रह्मलीन गोरक्षपीठाधीश्वरों की समाधि स्थल पर जाकर उनका आशीर्वाद भी लेंगे। इसके बाद वह गोशाला में कई दिनों से इंतजार कर रही अपनी प्रिय गायों के बीच कुछ वक्त गुजारेंगे। गोशाला से लौटकर वह मंदिर परिसर के अपने आवास में जाएंगे।


आज मंदिर में ही रात्रि विश्राम के बाद कल सुबह सीएम व्यस्त कार्यक्रमों की फिर से शुरुआत होगी। वह सबसे पहले 10 बजे से गोरखनाथ मंदिर के गुरु दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में आयोजित बाबा गम्भीरनाथ पुण्यतिथि शताब्दी वर्ष के समापन समारोह में हिस्सा लेंगे।

कार्यक्रम में कई बीजेपी नेता रहेंगे शामिल : इस कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता हृदयनारायण दीक्षित बतौर मुख्य वक्ता मौजूद रहेंगे। सीएम कल शाम भाजपा कार्यालय भी जाएंगे। वह सर्किट हाउस में गोरखपुर-बस्ती मंडल के अधिकारियों के साथ विकास और कानून व्यवस्था की समीक्षा भी करेंगे।


‘गांधी जी का नाम ही ऐसा है जिसमें लग जाता है, वो चीज़ ही डूब जाती है’

हाल ही में खादी कैलेंडर पर महात्मा गांधी की जगह पीएम मोदी की तस्वीरें जारी हुई थी जिस पर बुद्धिजीवी वर्ग और विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोला था लेकिन हरियाणा के बीजेपी मंत्री के हालिया बयान के बाद, अब ये मामला काफी तूल पकड़ता नज़र आ रहा है.

हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने महात्मा गांधी को खादी के लिए नुकसानदेह बताया साथ ही उन्होंने ये भी जोड़ा कि पीएम मोदी खादी के लिए फायदेमंद साबित होंगे क्योंकि वो एक बड़ा ब्रांड हैं. अंग्रेजों से आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले महात्मा गांधी की आलोचना को लेकर अनिल यहीं नहीं रूके, उनका मानना है कि गांधी जी की वजह से ही रुपये की कीमत में गिरावट आई.

Source: Abplive

उन्होंने कहा कि “गांधी जी ने खादी का ट्रेडमार्क नहीं कराया है और इतने सालों से खादी का नाम गांधी जी के साथ जुड़ने के बावजूद खादी ने किसी तरह की कोई तरक्की नहीं की. खादी का गांधी जी के साथ जुड़ने के कारण पतन ही हुआ है. पीएम मोदी ने जैसे ही खादी के साथ अपनी तस्वीर जारी की, तो खादी की सप्लाई में 14 प्रतिशत का उछाल देखा गया है. गांधी जी का नाम ही ऐसा है, जिस चीज़ के साथ वो लग जाते हैं, वो डूब जाता है. रुपये पर गांधी जी की तस्वीर लगी तो रुपया डूबता ही चला गया. एक ज़माना था, जब एक डॉलर एक रुपये के बराबर था, आज रुपये की हालत ये हो गई कि एक डॉलर में 60 रुपये होते हैं.”

विज के बयान के बाद विपक्ष ने उनकी तीखी आलोचना की. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने विज के बयान की निंदा करते हुए उन्हें देश का नालायक बेटा बताया और कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश को गांधी जी के बारे में ये सब सुनना पड़ रहा है हालांकि विज ने भी इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये उनकी निजी राय है और उनके बयान का मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं है.

वहीं बीजेपी ने अनिल विज के इस बयान की कड़ी निंदा की है और कहा है कि ये उनका पर्सनल मामला है और बीजेपी का उनके इस बयान से कोई लेना देना नहीं है. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी अनिल के इस बयान से अपना पल्ला झाड़ लिया.

Source: Jansatta

कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया कि इस तरह के बेतुके और शर्मनाक बयान केवल बीजेपी के नेता ही दे सकते हैं. वहीं गांधी जी के पड़पोते तुषार गांधी भी इस बयान से बेहद आहत नज़र आए और उन्होंने कहा कि जिस हिसाब से भ्रष्ट नेता पैसे का इस्तेमाल अपने गोरख धंधों के लिए करते हैं, उससे तो ये अच्छा ही है कि गांधी जी की तस्वीर नोट से हटा ली जाए.

Source: The Quint

जलीकट्टू के समर्थन में सड़कों पर उतरा जनसैलाब, मरीना बीच पर प्रदर्शनकारियों ने लगाए कैम्प

तमिलनाडु के पारंपरिक खेल जल्लीकट्टू पर सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबन्ध का विरोध कर रहे लोग सड़कों पर उतर आए हैं। मदुरै, चेन्नै और कोयंबटूर में कई दिनों से जारी यह विरोध उग्र रूप लेता जा रहा है। प्रदर्शनकारी जलीकट्टू के आयोजन और पशु अधिकार संगठन पेटा पर प्रतिबंध की मांग कर रहे हैं।

चेन्‍नई के मरीना बीच पर हजारों की संख्‍या में छात्रों और युवाओं ने प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में खत्‍म हुए पोंगल से पहले जलीकट्टू का आयोजन कराने में असफल रही राज्‍य और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।

आपको बता दें कि इस खेल पर कोर्ट द्वारा 2014 में प्रिवेंशन ऑफ क्रूएलटी टू ऐनिमल एक्ट के तहत प्रतिबन्ध लगा दिया गया था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि इस खेल से जानवरों पर क्रूरता होती है।

प्रदर्शनकारी पशु अधिकार संगठन पेटा का भी विरोध कर रहे हैं, क्योंकि पेटा की याचिका पर ही सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस खेल पर प्रतिबंध लगाया था।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के प्रति लोगों का समर्थन बढ़ता जा रहा है। स्कूल, कॉलेज के छात्र बड़ी तादाद में पहुंचे। चेन्नै के एसआरएम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने उनके समर्थन में अपने संस्थान के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

राज्य सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामले को शांत करने की कोशिश में लगी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने युवाओं को आश्वासन दिया है कि वह जलीकट्टू मामले पर अध्यादेश लाने के लिए राष्ट्रपति से अपील करेगी।

वहीं, प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि राज्य सरकार इस मसले पर अपना पक्ष साफ करे। जब तक सरकार जलीकट्टू को लेकर अपने उठाए जाने वाले कदमों के बारे में नहीं बताएंगे, तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा।

Video: बाबा रामदेव ने दिखाई कुश्‍ती में ताकत, ओलंपिक में सुशील कुमार को हराने वाले पहलवान को 12-0 से हराया

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बाबा रामदेव अक्सर अपनी कारनामों के चलते खबरों में बने रहते है। लेकिन इस बार तो बाबा रामदेव ने कमाल ही कर दिया। बाबा रामदेव ने 2008 ओलंपिक के रजत पदक विजेता आंद्रे स्टेडनिक को ना सिर्फ मुकाबले के लिए चुनौती दी बल्कि उन्हें चारों खाने चित कर दिया। बाब रामदेव ने मंगलवार को फ्रेडली मैच के लिए आंद्रे के सामने चुनौती पेश की थी। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में प्रो रेसलिंग के सेमीफाइनल से पहले दोनों का मुकाबला शुरू हुआ। सबको उम्मीद थी कि आंद्रे बाबा को आराम से हरा देंगे लेकिन हुआ ठीक इससे उल्टा। रिग में पहुंचते ही बाबा ने सबसे पहले सूर्य नमस्कार लगाया। उसके बाद वो अपने हाथ के बल चले। फिर रेफरी ने दोनों पहलवानों को आमने-सामने खड़ा किया और कुश्ती का मुकाबला शुरू हुआ। बाबा ने शुरू से ही मैच पर पकड़ बनाए रखी और आंद्रे पर पूरी तरह भारी पड़े। पूरे मैच में बाबा ने आंद्रे को एक भी अंक नहीं दिया और अंत में मैच 12-0 के अंतर से जीत लिया।

दिलचस्प बात ये है कि आंद्रे ने बीजिंग ओलंपिक में भारत के स्टार पहलवान सुशील कुमार को हराया था। वह बाद में फाइनल में पहुंचे जिससे सुशील को रेपेचेज के जरिये कांस्य पदक जीतने का मौका मिला। शुरुआत में आंद्रे रामदेव की चुनौती सुनकर चौंक गए थे। हालांकि, जब उन्हें बाबा रामदेव की तैयारियों के बारे में बताया गया तब उन्होंने भी हां कर दी।” हालांकि अब ये हार उनके लिए शर्म का विषय बन गई है।इस मैच से पहले बाबा रामदेव ने कहा था, ‘‘मैंने राष्ट्रीय स्तर के पहलवानों के साथ मुकाबला किया है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर के जाने माने पहलवान के खिलाफ खेलना अधिक रोमांचक होगा। आपको इस मैच में योग की असली ताकत देखने को मिलेगी।’ बाबा रामदेव ने उस मौके पर आगे कहा कि उन्होंने रोज कसरत करके स्टेमिना बनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह खाली वक्त मिलते ही अखाड़े भी जाते हैं।यह पहली बार नहीं है कि जब बाबा रामदेव ने किसी को फ्रेंडली मैच के लिए चुनौती दी हो।

इससे पहले पिछले साल रामदेव ने सुशील कुमार को भी चुनौती दी थी। वह चुनौती हरिद्वार में उनके आश्रम की 20वीं वर्षगांठ के मौके पर दी गई थी। आंद्रे स्टेडनिक ने कहा था कि वह योग गुरु की एनर्जी देखकर काफी प्रभावित हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर बाबा रामदेव भारत के लिए खेलने लगें तो भारत के सबसे अच्छे रेसलर्स में से एक होंगे।

 

इसस पहले अपनी फिल्म बेफ्रिके के प्रमोशन के दौरान एक्टर रणवीर सिंह ने बाबा रामदेव को उठाने के कोशिश की, बदले में बाबा ने रणवीर को कंधें पर उठा कर हवा में घुमा दिया।

 

20 साल का इंतजार अब होगा खत्म, आर्मी जवानों को मिलेंगे ‘मॉर्डन हेलमेट’, जानिए क्या होगा खास

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इंडियन आर्मी को भी अब अपनी रक्षा करने के लिए वर्ल्ड क्लास हेलमेट मिलेंगे।

इंडियन आर्मी को भी अब अपनी रक्षा करने के लिए वर्ल्ड क्लास हेलमेट मिलेंगे। इसके लिए कानपुर की MKU इंडस्ट्रीज से बात भी की गई है। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, MKU को 1.58 लाख हेलमेट बनाने का ऑर्डर दिया गया है। इस प्रोजेक्ट पर 170 से 180 करोड़ रुपए खर्च हो सकते हैं। नए हेलमेट को बनाने का काम शुरू भी कर दिया गया है। हेलमेट को लेकर इतना बड़ा ऑर्डर पिछले बीस सालों में पहली बार दिया गया है। खबर के मुताबिक, नए हेलमेट्स आने वाले तीन सालों में मिल जाएंगे। MKU शरीर कवच (बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट) बनाने में वर्ल्ड लीडर है। उसका बनाया सामान दुनिया भर की फोर्स इस्तेमाल करती हैं।

क्या होगा खास : नए हेलमेट 9mm की गोली को झेलने की भी पॉवर रखते होंगे। चाहे उसे क्लोज रेंज से ही क्यों ना चलाया गया हो। वे हेलमेट वैश्विक स्टेंडर्ड पर खरे भी उतरते हैं। वे हेलमेट पहननने में सहज होंगे और उनमें से ज्यादातर में संचार उपकरणों को लगाकर भी दिया जाएगा। 10 साल पहले इंडियन आर्मी की स्पेशल फोर्स के लिए इजरायल के OR-201 हेलमेट्स मंगवाए गए थे। जो कि कांच की सुदृढ़ प्लास्टिक से बने थे। हालांकि, आम जवान को भारत में ही बने हेलमेट दिए जाते हैं। जो कि काफी भारी होते हैं और लड़ाई की स्थिति में दिक्कत देते हैं।

इससे पहले मार्च में सरकार ने ‘आपातकालीन कॉन्ट्रेक्ट’ साइन किया था। जिसके तहत 50,000 नई बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदने को कहा दया था। वह ऑर्डर टाटा एडवांस मेटेरियल लिमिटेड को दिया गया था। जो कि पिछले 10 सालों से लटका हुआ था। बुलेटप्रूफ जैकेट जिसे ‘पटका’ भी कहते हैं उसके साथ भी काफी दिक्कते थीं। क्योंकि ‘आपातकालीन कॉन्ट्रेक्ट’ दिए जाने से पहले जिन जैकेट्स का इस्तेमाल हो रहा था उसका वजन लगभग 2.5 किलो था और उनसे पूरी सुरक्षा भी नहीं मिलती थी।

आमने-सामने से लड़ी जाने वाली लड़ाई में बुलेटप्रूफ जैकेट बहुत कारगर साबित होती है। उससे दुश्मन की गोली और धारधार हथियार से बचने में मदद मिलती है।

जानिए क्यों… सरकार 30 करोड़ लोगों को देने जा रही है 1500 रूपये महीना का तोहफा…

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी सरकार इस बजट में गरीबों और बेरोजगारों को हर महीने 1500 रुपए देने का ऐलान कर सकती है। माना जा रहा है कि सरकार की इसकी घोषणा बजट में कर सकती है। हालांकि, इस बात को लेकर अभी राय बंटी हुई है कि इसे यूनिवर्सल बेसिक स्कीम बनाया जाए या इसके जरिए केवल सबसे कमजोर तबके को मदद दी जाए। देश में गरीबी की समस्या को कम करने के लिए इस स्कीम पर विचार किया जा रहा है।

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नई योजना के फायदे और नुकसान पर जारी है मंथन

अंग्रेजी बिजनेस न्यूजपेप इकोनॉमिक टाइम्स को एक अधिकारी ने बताया कि इस स्कीम के फायदे और नुकसान पर विचार किया जा रहा है।
उनका कहना है कि इस तरह की स्कीम का सही लोगों तक पहुंचाने में समस्या आ सकती है।
इसके साथ ही वित्तीय घाटा भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि इस सभी कारकों को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाएगा।

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सभी पहलुओं पर हो रहा है विचार

अधिकारी ने बताया कि देश के 200 मिलियन (20 करोड़) लोगों को प्रति महीने 1500 रुपए की राशि दिए जाने पर सरकार पर 3 लाख करोड़ का भार पड़ेगा।
इसके अलावा संसाधन जुटाना भी जटिल होगा।
सरकार वित्तीय वर्ष 2018 तक वित्तीय घाटे को जीडीपी के 3 फीसदी तक लाना चाहती है।
हालांकि अगर नोटबंदी के फैसले और जीएसटी लागू होने से सरकार को संसाधनों की प्राप्ति होती है तो सरकार इस स्कीम को लॉन्च करने के लिए अच्छी स्थिति में होगी।
इस स्कीम के दायरे में ऐसे बेरोजगार लोगों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है, जिनके पास कमाई का कोई साधन नहीं है।
साथ ही, एक विचार गृहिणियों को भी शामिल करने हो रहा है क्योंकि वह इस स्कीम से मिलने वाले फंड का सही तरह से उपयोग कर सकती है।

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यूनिवर्सल बेसिक इनकम क्या है

यूनिवर्सल बेसिक इनकम, सोशल सिक्योरिटी (सामाजिक सुरक्षा) का रूप है, जिसमें देश में रहने वाले सभी नागरिकों को बिना किसी शर्त के एक फिक्स समय में एक निश्चित पैसे मिलते हैं।
यह राशि सरकार या फिर कुछ पब्लिक संस्थाओं द्वारा दी सकती है।
गरीबी रेखा से नीचे वाले लोगों को बिना शर्त इनकम ट्रांसफर को एक आंशिक बुनियादी आय के रूप में जाना जाता है।

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भारत में भी चल चुके हैं ऐसे पायलट प्रोजेक्ट

हमने इंदौर के 8 गांवों की 6,000 आबादी के बीच 2010 से 2016 के बीच इस स्कीम का प्रयोग किया।
इसमें पुरुष-महिला को 500 और बच्चे को हर महीने 150 रुपए दिए गए।
इन पांच सालों में इनमें अधिकतर ने इस स्कीम का लाभ मिलने के बाद अपनी आय बढ़ा दी।
दिल्ली में लगभग दो सौ लोगों के बीच प्रयोग सफल रहा।

पांचवी पास MDH वाले दादा जी है देश के सबसे अमीर CEO

मुंबई: भारतीय उपभोक्ता बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाले उत्पाद के सीईओ को शायद ही किसी ने किसी मैगजीन कवर पर देखा हो, लेकिन वह देश के लोगों के लिए जाना-पहचाना चेहरा हैं। MDH मसाले के हर पैक पर 94 साल के धरमपाल गुलाटी को पगड़ी पहने हुए आपने जरूर देखा होगा।

पांचवीं पास इस शख्स ने पिछले वित्तीय वर्ष में 21 करोड़ रुपए कमाई की जो गोदरेज कन्ज्यूमर के आदि गोदरेज और विवेक गंभीर, हिंदुस्तान युनिलीवर के संजीव मेहता और ITC के वाई सी देवेश्वर की कमाई से भी ज्यादा है। MDH के नाम से मशहूर उनकी कंपनी ‘महाशियां दी हट्टी’ को इस साल कुल 213 करोड़ रुपए का लाभ हुआ। इस कंपनी के 80 प्रतिशत हिस्सेदारी गुलाटी के पास हैं।

पांचवीं पास गुलाटी को दादाजी या महाशयजी के नाम से भी जाना जाता है। उनकी पहचान एक ऐसे मेहनती उद्यमी के तौर पर है जो फैक्ट्री, बाजार और डीलर्स का नियमित दौरा करते हैं। जब तक उनको इस बात की तसल्ली नहीं मिल जाती है कि कंपनी में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है, उन्हें चैन नहीं पड़ती है। वह रविवार को भी फैक्ट्री जाते हैं।

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दूसरी पीढ़ी के आंट्रप्रनोयर गुलाटी ने 60 साल पहले एमडीएच जॉइन की थी। वह कहते हैं, मेरे काम करने के पीछे यह प्रेरणा रहती है कि उपभोक्ताओं को कम-से-कम दाम में अच्छी गुणवत्ता का उत्पाद उपलब्ध कराया जाए। मैं अपनी क्षमता के मुताबिक अपनी सैलरी का 90 फीसदी हिस्सा परोपकार में देता हूं।

1919 में पाकिस्तान के सियालकोट में एक छोटी सी दुकान खोलने वाले चुन्नी लाल ने कभी नहीं सोचा होगा कि उनका बेटा इस छोटी सी दुकान को 1,500 करोड़ रुपए के साम्राज्य में तब्दील कर देगा। गुलाटी के इस करोड़ों के साम्राज्य में मसाला कंपनी, करीब 20 स्कूल और एक हॉस्पिटल शामिल है।

देश के विभाजन के बाद गुलाटी दिल्ली के करोल बाग आकर बस गए थे और तब से वह भारत में 15 फैक्ट्रियां खोल चुके हैं जो करीब 1,000 डीलरों को सप्लाई करती हैं। एमडीएच के दुबई और लंदन में भी ऑफिसेज हैं। यह मसाला कंपनी लगभग 100 देशों से एक्सपोर्ट करती है। गुलाटी के बेटे कंपनी का हर कामकाज संभालते हैं और उनकी 6 बेटियां डिस्ट्रिब्यूशन का काम संभालती हैं। कंपनी अपनी सफलता का श्रेय अपनी सप्लाई चेन को देती है। कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग हो या कर्नाटक, राजस्थान से लेकर अफगानिस्तान और ईरान से मसाले मंगाना हो, इन सब के लिए कंपनी की सप्लाइ चेन काफी मजबूत है।

एवरेस्ट ब्रैंड के मालिक एस नरेंद्र कुमार 13 % शेयर के साथ मार्केट की अगुवाई कर रहे हैं जबकि उनके पीछे 12 % शेयर के साथ MDH है। शहरीकरण के दौर में उपभोक्ताओं के बीच पैकेटबंद मसालों की मांग बढ़ रही है जिससे मसालों और सॉस इत्यादि की बिक्री 2016 में 16 % बढ़ी है। मसाला बाजार में डीएस फूड्स, पतंजलि जैसी घरेलू कंपनियां भारत में आगे हैं जबकि सॉस जैसे अंतरराष्ट्रीय उत्पादों में नेस्ले और हिंदुस्तान युनिलीवर जैसी कंपनियां आगे हैं।

फ्यूचर ग्रुप के एफएमसीजी प्रेजिडेंट देवेंद्र चावला ने बताया, ‘एक्सपोर्ट मार्केट में अपनी जगह बनाना भारत के घरेलू बाजार में जगह बनाने से कहीं ज्यादा आसान है क्योंकि यहां हर राज्य या क्षेत्र में लोगों की पसंद बदल जाती है। यह एक बड़ी चुनौती है। भारतीय कंपनियां इस मामले में भी सीमित रह जाती हैं क्योंकि वे नए उपभोक्ता वर्ग युवाओं के लिए चाइनीज, थाई और इटैलियन कंपनियों जैसे उत्पाद नहीं उतार पाती है।’

एमडीएच के 60 से ज्यादा उत्पाद हैं। इसके सबसे ज्यादा बिकने वाले उत्पाद देसी मिर्च, चाट मसाला और चना मसाला हैं जिनके करीब-करीब हर महीने करोड़ों पैकेट बिक जाते हैं। एमडीएच के वाइस प्रेजिडेंट राजिंदर कुमार ने बताया, ‘हम प्रतिद्ंद्वियों को अपनी कीमतों से मात दे रहे हैं। बाकी कंपनियां हमारी प्राइसिंग स्ट्रैटिजी को अमल में लाने की कोशिश करती हैं। चूंकि हम कीमतें कम रखते हैं इससे हमें कुल मिलाकर फायदा ज्यादा हो जाता है।’

45 विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल होंगे राजा भैया !

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Image and news source: cobrapost hindi

नई दिल्लीः समाजवादी पार्टी में मची उथल-पुथल के बीच विधायक सुरक्षित ठिकाने की तलाश में जुट गए हैं। यूपी से बड़ी खबर है कि सपा के 45 विधायक भाजपा में शामिल होने का मूड बना लिए हैं। यूपी प्रभारी ओम माथुर और प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के जरिए अधिकांश विधायकों की मीटिंग भी अमित शाह से हो चुकी है। मोदी की सहमति मिलते ही ये विधायक सपा की खतरे में पड़ी साइकिल छोड़ कमल का फूल थामे जल्द दिख सकते हैं। कहा जा रहा है कि विधायकों की अगुवाई सपा नेतृत्व से असंतुष्ट चल रहे रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया और पूर्व मंत्री महेंद्र अरिंदमन सिंह कर रहे हैं। हालांकि इन विधायकों की मंशा पूरी होने की राह में यूपी के कई पुराने भाजपा नेताओं का रुख बाधक भी बन सकता है। दरअसल भाजपा के पुराने नेताओं को आशंका है कि सपा के विधायकों की एंट्री से टिकट के दावेदार पुराने भाजपाइयों का पत्ता साफ हो सकता है, जो पार्टी में आंतरिक असंतोष का कारण बन सकता है।

जिस तरह से मुलायम और अखिलेश के बीच जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। साइकिल चुनाव चिह्न भी जब्त होने की कगार पर है। उससे संबंधित विधायकों को लगता है कि सपा के किसी भी धड़े से चुनाव लड़ने पर उन्हें हार का सामना करना पड़ेगा। लिहाजा उन्होंने भाजपा के बैनर तले चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू की है। सूत्र बता रहे हैं कि सपा के पूर्व मंत्री राजा अरिदमन सिंह सपा को छोड़कर बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय में ओम माथुर और यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य की मौजूदगी में वो भाजपा ज्वाइन करेंगे। इससे पहले शुक्रवार को सपा के राष्ट्रीय महासचिव अशोक प्रधान ने सपा से किनारा करते हुए भाजपा का दामन थाम चुके हैं।

 

(यह खबर कोबरा पोस्ट के द्वारा सम्पादित की गयी है डॉलफिन पोस्ट डॉट कॉम इसपर किसी प्रकार का दावा नहीं करता है)

बीजेपी ने जारी की यूपी के उम्मीदवारों की लिस्ट! इनको दिया गया टिकट

लखनऊ: बीजेपी ने यूपी चुनाव 2017 को देखते हुए उम्मीदवारों की घोषणा करने का फैसला किया है। बीजेपी के दिल्ली स्थित कार्यालय से जेपी नड्डा प्रेस वार्ता के जरिये उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर रहे हैं। यूपी में होने वाले चुनाव को लेकर प्रत्याशियों की सूची बीजेपी ने जारी कर दी है। रविवार शाम को शुरू हुई मीटिंग देर रात तक चली थी जिसकी अध्यक्षता पीएम मोदी ने की थी। पहले दो चरण के लिए प्रत्याशियों के नाम तय हुए है। 149 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दिया है।

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ये रही सूची
पी चुनाव के लिए बीजेपी ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है।
जेपी नड्डा ने यूपी के लिए 149 सीटों पर प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर दी है।
बेहत- महावीर राणा, नकुड़- धर्मसिंह सिअनि, सहारनपुर, राजीव, सहारनपुर, मनोज चौधरी, देवबंद ब्रजेश सिंह, रामपुर, देवेंद्र, थानाभवन, सुरेश राणा
  • देवबंद से बृजेश सिंह को टिकट
  • सिकंदराबाद से विमल सोलंकी को टिकट
  • हापुर से विजयपाल को टिकट
  • मेरठ से लक्ष्मीकांत बाजपाई को टिकट
  • अमरोहा से डॉक्टर सैनी को टिकट
  • सम्बल से नरेंद्र गुप्ता को टिकट
  • मुरादाबाद नगर से रितेश गुप्ता को टिकट
  • चांदपुर से कमलेश सैनी को टिकट
  • सहारनपुर से मनोज चौधरी को टिकट
  • टूंडला से SP बघेल को टिकट
  • आगरा कैंट से डॉक्टर धर्मेश को टिकट
  • मथुरा से श्रीकांत शर्मा को टिकट
  • अमनपुर से देवेंद्र प्रताप सिंह को टिकट
  • उन्नाव से पंकज गुप्ता को टिकट
  • लखीमपुर से योगेश वर्मा को टिकट
  • कटरा से वीर विक्रम सिंह को टिकट
  • पीलीभीत से गंगवार को टिकट
  • बरेली कैंट से राजेश अग्रवाल को टिकट
  • मीरगंज से डॉक्टर वर्मा को टिकट
  • कानपूर कैंट से रघुननंदन भदौरिया को टिकट
  • मुंगरा बादशाहपुर से सीमा द्विवेदी को टिकट
इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी प्रभारी ओम माथुर, प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, यूपी के संगठन मंत्री सुनील बंसल, राष्ट्रीय उपाद्यक्ष दिनेश शर्मा, यूपी के विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना अरुण जेटली व चुनाव समिति के अन्य नेता मौजूद थे।
आपको बता दें कि यूपी में 7 फेज में वोटिंग होनी है। पहला चरण 11 फरवरी को, जबकि आखिरी चरण 8 मार्च को होगा। चुनाव के नतीजों का एलान 11 मार्च को किया जाएगा। पहले चरण में 15 जिलों की 73 सीटों पर 11 फरवरी को वोटिंग होगी। दूसरे चरण में 11 जिलों की 67 सीटों पर 15 फरवरी को वोटिंग होगी। तीसरे चरण में 12 जिलों की 69 सीटों पर 19 फरवरी को वोटिंग होगी। चौथे चरण में 12 जिलों की 53 सीटों पर 23 फरवरी को वोटिंग होगी। पांचवें चरण में 11 जिलों की 52 सीटों पर 27 फरवरी को वोटिंग होगी। छठें चरण में सात जिलों की 49 सीटों पर 4 मार्च को वोटिंग होगी जबकि सातवें चरण में सात जिलों की 40 सीटों पर 8 मार्च को वोटिंग होगी।

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राहुल गांधी पर बोले योगी, उम्र बढ़ गई, बचपना नहीं गया

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गोरखपुर। भाजपा सांसद महंत योगी आदित्‍यनाथ ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर आज करारा तंज कसा। योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी के नोटबंदी पर देश की कमर टूटने और प्रधानमंत्री की योजनाओं का मजाक उड़ाने पर कहा कि बहुत सारे लोगों की उम्र बढ़ जाती है, लेकिन उनका बचपना नहीं जाता है।
योगी ने कहा कि नोटबंदी ने भ्रष्‍टाचार की कमर तोड़ी है। नोटबंदी ने इस देश के अंदर आतंकवाद, नक्‍सलवाद, कालाधन रखने वालों की कमर तोड़ी है। आमजन खुश हैं।

योगी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनमत लोकतंत्र का आइना होता है और राहुल गांधी को यह बात समझनी चाहिए। राहुल गांधी और उनसे जुड़ी सरकारों ने देश के लिए आजादी के बाद से कुछ किया ही नहीं। विकास कैसे होता है स्‍वाभाविक रूप से यह समझ उनके पास होगी भी नहीं। योगी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने 55 साल के कार्यकाल में किया क्‍या है। मुझे लगता है कि उनके 55 साल के कार्यकाल में मोदी जी का ढाई साल का कार्यकाल भारी पड़ेगा।

योगी ने कहा कि विकास उनके एजेंडे में था ही नहीं। कांग्रेस के 10 साल के यूपीए के कार्यकाल में हर साल एक-एक घोटाला सामने आता था। यदि घोटाला को ही वह विकास मान लेते हैं और एक परिवार का विकास ही यदि विकास है, तो भगवान से प्रार्थना करिए कि इस तरह के विकास से तौबा करें। हम गांव, गरीब और किसान के विकास की बात करते हैं।